राजस्थान पंचायत चुनाव का बिगुल? 4 चरणों में मतदान, जानें पूरा गणित
राजस्थान में पंचायत चुनावों के ऐलान के साथ आचार संहिता लागू होगी, जहां 4 चरणों में पंच-सरपंच का चुनाव मतपत्रों से कराया जाएगा।

राजस्थान पंचायत चुनाव का बिगुल? 4 चरणों में मतदान, जानें पूरा गणित
गांव की चौपालों पर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। राजस्थान पंचायत चुनाव का औपचारिक ऐलान होने जा रहा है, जिसके साथ ही पूरे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी।
प्रशासनिक स्तर पर चुनावी बिगुल बजने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर फौरन पूर्ण पाबंदी लग जाएगी।
इस बार वोटिंग कैसे होगी?
पंचायती राज व्यवस्था के तहत पंच और सरपंच पद के चुनाव के लिए मतपत्र यानी बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा।
मतदाता ईवीएम के बजाय पारंपरिक बैलेट पेपर पर मुहर लगाकर अपने गांव के प्रतिनिधि चुनेंगे।
चुनावी कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पूरी प्रक्रिया को चार अलग-अलग चरणों में विभाजित किया जा सकता है।
महिलाओं को कितनी सीटें मिलेंगी?
पंचायतों में आधी आबादी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू रहेगा।
यानी गांव की पंचायतों में आधे पदों पर महिला नेतृत्व अपनी जिम्मेदारी संभालती नजर आएगी।
आचार संहिता लागू होते ही सरकारी तंत्र पूरी तरह निष्पक्ष चुनाव कराने के दायरे में बंध जाएगा।
मुख्य बातें एक नज़र में
- राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में संपन्न कराए जाने की तैयारी है।
- पंच और सरपंच पद के प्रतिनिधियों का चयन बैलेट पेपर के माध्यम से किया जाएगा।
- महिलाओं के लिए पंचायती राज में 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था लागू रहेगी।
- चुनावी तारीखों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।
- आचार संहिता प्रभावी होते ही सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगेगी।
अब आगे का सियासी सफर कैसा होगा?
ज़रा ठहरिए, चुनाव की तारीखें सामने आने के बाद गांवों में राजनीतिक सरगर्मियां और बैठकों का दौर तेज होने वाला है।
तबादलों पर पाबंदी लगने के कारण सरकारी मशीनरी अब सिर्फ स्वतंत्र और पारदर्शी मतदान कराने पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी।




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