37 गेंद में शतक और 11 छक्के? एबी डिविलियर्स ने मैदान पर कैसे मचाया गदर
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स में एबी डिविलियर्स ने ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस के खिलाफ 37 गेंद में शतक जड़कर 111 रन की तूफानी पारी खेली।

37 गेंद में शतक और 11 छक्के? एबी डिविलियर्स ने मैदान पर कैसे मचाया गदर
क्या संन्यास के बाद भी कोई बल्लेबाज मैदान पर वही पुराना खौफ पैदा कर सकता है? क्रिकेट फैंस के चहेते एबी डिविलियर्स ने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स में एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका जादू आज भी बरकरार है। साउथ अफ्रीका चैंपियंस की तरफ से खेलते हुए उन्होंने ऐसी आतिशी पारी खेली, जिसने देखने वालों को हैरान कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में डिविलियर्स का पुराना अंदाज मैदान पर लौट आया। उनके हर शॉट पर दर्शक झूम उठे और स्टेडियम में मौजूद उनकी पत्नी और बच्चे भी इस करिश्माई पारी को देखकर खुशी से उछल पड़े।
उस रोज़ मैदान पर हुआ क्या था?
मैच के दौरान डिविलियर्स शुरू से ही आक्रामक तेवरों में नज़र आए। उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों के खिलाफ मैदान के हर कोने में शॉट जड़े। इस तूफानी बल्लेबाजी के आगे विरोधी टीम का गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेबस दिखाई दिया।
आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने महज 37 गेंदों का सामना करते हुए अपना शतक पूरा कर लिया। रिटायर हो चुके खिलाड़ियों की इस लीग में उन्होंने अपनी टाइमिंग और पावर-हिटिंग से साबित कर दिया कि क्लास कभी पुरानी नहीं होती।
इस तूफानी पारी के बड़े आंकड़े
डिविलियर्स ने अपनी इस यादगार पारी के दौरान ताबड़तोड़ अंदाज में रन बनाए। पूरी पारी में उनका स्ट्राइक रेट देखने लायक था और उन्होंने चौकों से ज्यादा छक्कों में डील किया।
उनकी इस आतिशी पारी में कई बड़े आंकड़े दर्ज हुए, जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया:
मुख्य बातें एक नज़र में
- साउथ अफ्रीका चैंपियंस की ओर से खेलते हुए डिविलियर्स ने जड़ा आतिशी शतक।
- ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस के खिलाफ महज 37 गेंद में पूरा किया अपना शतक।
- अपनी पारी में कुल 40 गेंदों का सामना करते हुए 111 रन बनाए।
- पारी के दौरान 11 गगनचुंबी छक्के और 6 शानदार चौके जड़े।
- स्टैंड्स में मौजूद उनकी पत्नी और बच्चे खुशी से झूमते नजर आए।
फैंस और परिवार के लिए क्यों खास रही यह पारी?
ज़रा ठहरिए और सोचिए, संन्यास के बाद मैदान पर वापसी करके इस तरह का तूफान खड़ा करना कितना खास होता है। जब डिविलियर्स चौके-छक्के बरसा रहे थे, तब स्टैंड्स में मौजूद उनका परिवार हर शॉट का जश्न मना रहा था।
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स में खेली गई यह पारी सिर्फ एक मैच का आंकड़ा भर नहीं है, बल्कि यह उस दिग्गज खिलाड़ी का जलवा है जो मैदान पर कदम रखते ही मुकाबले का नतीजा तय कर देता है। फैंस के लिए यह आतिशी पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।




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