रोजाना 4.8 करोड़ चिप: असम के जागीरोड में शुरू हुआ देश का सबसे बड़ा प्लांट
असम के जागीरोड में टाटा समूह के देश के सबसे बड़े सेमीकंडक्टर प्लांट का ट्रायल रन शुरू हो गया है, जहाँ 40 हजार नौकरियाँ पैदा होंगी।

रोजाना 4.8 करोड़ चिप: असम के जागीरोड में शुरू हुआ देश का सबसे बड़ा प्लांट
असम के मोरीगांव जिले के जागीरोड से देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ टाटा समूह द्वारा तैयार किए जा रहे असम सेमीकंडक्टर प्लांट का ट्रायल रन आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। यह इकाई भारत की अब तक की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजना के रूप में सामने आ रही है।
आप सोच रहे होंगे कि इस संयंत्र की क्षमता का वास्तविक पैमाना क्या है? 592 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट के पूरी तरह चालू होने के बाद यहाँ हर दिन लगभग 4.8 करोड़ चिप का उत्पादन किया जाएगा।
इस विशाल परियोजना से क्या बदलेगा?
ज़रा ठहरिए और रोजगार के मोर्चे पर इसके असर को देखिए। जागीरोड स्थित इस औद्योगिक इकाई के माध्यम से लगभग 40 हजार नई नौकरियाँ सृजित होने की उम्मीद जताई गई है।
स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए नए अवसर खुलने के साथ ही इस संयंत्र से भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स चिप निर्माण क्षमताओं को सीधे तौर पर गति मिलेगी।
मुख्य बातें एक नज़र में
- संयंत्र का स्थान: मोरीगांव जिला, जागीरोड (असम)
- निर्माता समूह: टाटा समूह
- कुल क्षेत्रफल: लगभग 592 एकड़ भूभाग
- उत्पादन क्षमता: रोजाना करीब 4.8 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप
- रोजगार के अवसर: लगभग 40 हजार नई जॉब
- वर्तमान स्थिति: प्लांट का ट्रायल रन शुरू
आगे का रास्ता और तकनीकी कदम
परीक्षण दौर के बाद उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। असम सेमीकंडक्टर प्लांट के पूरी तरह सक्रिय होते ही दैनिक आधार पर करोड़ों चिप बनकर तैयार होने लगेंगी।
पूर्वोत्तर के इस हिस्से में तकनीकी विस्तार की दिशा में यह संयंत्र अब ज़मीनी हकीकत का रूप ले रहा है।




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