बैंक भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा: CBI के छापे में मिले 172 फर्जी अफसर
CBI ने बैंक भर्ती घोटाले का खुलासा करते हुए 6 राज्यों में छापेमारी की। आंखों के स्कैन से 172 फर्जी अधिकारियों की पहचान हुई है, जिनकी नौकरी पर खतरा है।

बैंक भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा: CBI के छापे में मिले 172 फर्जी अफसर
देश के बैंकिंग सेक्टर में एक बड़े बैंक भर्ती फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने 6 राज्यों में एक साथ छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस मामले में अब तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो इस पूरे रैकेट के तार जुड़े होने के संकेत दे रहे हैं।
जांच के दायरे में पिछले 5 साल का भर्ती रिकॉर्ड आया है। एजेंसी ने परीक्षा के दौरान लिए गए उम्मीदवारों के आइरिस (आंखों के स्कैन) का मिलान किया, जिससे बड़ा खुलासा हुआ।
फर्जीवाड़े का सच क्या है?
जांच के दौरान आंखों के स्कैन यानी आइरिस डेटा का मिलान करने पर 257 संदिग्ध उम्मीदवार सामने आए। इनमें से 172 लोग ऐसे पाए गए, जो वर्तमान में अलग-अलग बैंकों में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले इन लोगों की पहचान के बाद अब उनकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह घोटाला परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा में सेंधमारी को दर्शाता है, जिसके बाद से बैंकिंग गलियारों में हड़कंप मचा है।
सीबीआई की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 राज्यों में एक साथ दबिश दी। इस दौरान सबूतों को खंगालने के साथ ही 4 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन 172 फर्जी अधिकारियों ने किन बिचौलियों की मदद से परीक्षा पास की थी। बैंक भर्ती के इस पूरे तंत्र में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है।
मुख्य बातें एक नज़र में
- 6 राज्यों में सीबीआई ने छापेमारी की कार्रवाई की।
- पिछले 5 साल के भर्ती डेटा की गहन जांच की जा रही है।
- आंखों के स्कैन (आइरिस) से 257 संदिग्धों की पहचान हुई।
- 172 फर्जी अधिकारी अलग-अलग बैंकों में नौकरी कर रहे थे।
- मामले में अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
अब आगे क्या होगा?
पकड़े गए 172 फर्जी अधिकारियों की नौकरी जाना लगभग तय माना जा रहा है। जांच एजेंसी अब इस डेटा के जरिए उन मुख्य केंद्रों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जहां से यह फर्जीवाड़ा संचालित हो रहा था।
आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। बैंकिंग भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अब सुरक्षा मानकों को और अधिक कड़ा किए जाने की तैयारी है।




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