उज्जैन में 2 लाख का झटका: आयुक्त की 'रेड' से हड़कंप, आखिर क्यों लगी पेनल्टी?
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के काम में लापरवाही पर निगम आयुक्त ने ठेकेदार एजेंसी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और 7 अगस्त तक काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है।
उज्जैन में 2 लाख का झटका: आयुक्त की 'रेड' से हड़कंप, आखिर क्यों लगी पेनल्टी?
उज्जैन शहर में चल रहे विकास कार्यों की हकीकत जानने शुक्रवार सुबह नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा खुद सड़कों पर उतर आए। उनका यह औचक निरीक्षण कई ठेकेदार एजेंसियों के लिए मुसीबत बन गया, खासकर जयसिंहपुरा इलाके में काम की धीमी गति और लापरवाही देखकर आयुक्त का पारा चढ़ गया। नतीजा, तत्काल प्रभाव से संबंधित एजेंसी पर पूरे 2 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया गया।
आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसी क्या लापरवाही थी कि सीधे लाखों का दंड लगा दिया गया? दरअसल, यह पूरा मामला नागरिकों को हो रही असुविधाओं और तय समय-सीमा में काम पूरा न करने से जुड़ा है।
उस रोज़ हुआ क्या था?
निगम आयुक्त ने गदा पुलिया से रविशंकर नगर, जयसिंहपुरा होते हुए लालपुल ब्रिज रोड तक चल रहे 1.35 किलोमीटर लंबे सड़क चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया। यह सड़क 24 मीटर चौड़ी बननी है और इस पर लगभग 18.95 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि काम में ढिलाई बरती जा रही है, जिससे आम जनता को पानी, जलभराव और आवागमन में परेशानी हो रही थी।
आयुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने एजेंसी को सख्त निर्देश दिए कि जलप्रदाय, जलभराव और यातायात किसी भी हाल में बाधित नहीं होना चाहिए।
अब आगे क्या? 7 अगस्त की डेडलाइन!
आयुक्त ने ठेकेदार एजेंसी को 7 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। इस तारीख तक बाधक भवनों को हटाना, नालियों का निर्माण, बिजली के पोल शिफ्ट करना और पेयजल लाइनों से जुड़े सभी काम उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे करने होंगे।
इसके साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यातायात को सुचारु रखने के लिए सड़क निर्माण का एक तरफ का हिस्सा प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
मुख्य बातें एक नज़र में
- नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने चौड़ीकरण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।
- जयसिंहपुरा में लापरवाही मिलने पर ठेकेदार एजेंसी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
- गदा पुलिया से लालपुल ब्रिज रोड तक 1.35 किमी सड़क चौड़ीकरण का काम जारी है।
- इस परियोजना पर लगभग 18.95 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
- 7 अगस्त तक सभी बाधाएं हटाने और निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
- महाकाल सवारी मार्ग पर विशेष सफाई दल तैनात करने और मलबा हटाने को कहा गया।
महाकाल सवारी मार्ग पर भी पैनी नज़र
निगम आयुक्त केवल चौड़ीकरण तक ही नहीं रुके, उन्होंने बाबा महाकाल सवारी मार्ग का भी गहन निरीक्षण किया। छत्री चौक से हरसिद्धि पाल और रामघाट तक के चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया गया। कमरी मार्ग चौराहे पर कोबल पत्थर का काम संतोषजनक पाया गया।
उन्होंने इस महत्वपूर्ण मार्ग पर विशेष सफाई दल तैनात करने और निर्माण सामग्री व मलबे को तुरंत हटाने के आदेश दिए। भवन अधिकारी को गिराऊ भवनों के छज्जों और गैलरियों की लगातार निगरानी करने को भी कहा गया है। हरसिद्धि पाल से रामघाट मार्ग पर सीसी सड़क, गैबियन वॉल और रिटर्निंग वॉल का काम लगभग पूरा हो चुका है, शेष को जल्द व्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया।
निष्कर्ष
निगम आयुक्त का यह औचक निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई उज्जैन में विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर प्रशासन की गंभीरता दर्शाती है। 2 लाख रुपये का जुर्माना सिर्फ एक दंड नहीं, बल्कि एक संदेश है कि नागरिकों की सुविधा और सरकारी परियोजनाओं में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब देखना होगा कि इस सख्ती का ठेकेदार एजेंसियों पर कितना असर होता है और क्या 7 अगस्त की डेडलाइन तक सभी काम पूरे हो पाते हैं।


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